कुछ आंसू

कुछ आंसू बहे !
उन आंसुओं के संग !
कुछ अन्दर की !
कुछ बाहर  की !
दुनिया की तस्वीर साफ़ हुई !!

पंजा

विकास करोगे तो जनता के हाथ का पंजा वोट रूपी पीठ थप-थपाएगा ! 
घोटाले करोगे तो यही पंजा आपके मुँह पर वोट रूपी तमाचा भी जड़ेगा !!